Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)· 7.19 / 30

Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)7.19

7.19
बहूनां जन्मनामन्ते ज्ञानवान् मां प्रपद्यते । वासुदेवः सर्वमिति स महात्मा सुदुर्लभः ॥ ७-१९ ॥
bahūnāṃ janmanāmante jñānavān māṃ prapadyate | vāsudevaḥ sarvamiti sa mahātmā sudurlabhaḥ || 7-19 ||
— अनेक जन्मों के अन्त में ; — ज्ञानवान् मेरी शरण में आता है ; — 'वासुदेव ही सब' ऐसा (जानकर) ; — वह महात्मा अत्यन्त दुर्लभ

अनेक जन्मों के अन्त में ज्ञानवान् पुरुष 'वासुदेव ही सब कुछ है' ऐसा जानकर मेरी शरण में आता है; वह महात्मा अत्यन्त दुर्लभ है।