The Great Liberation Tantra· 2.9 / 54

The Great Liberation Tantra2.9

2.9
कलावागममुल्लङ्घ्य योऽन्यमार्गे प्रवर्तते । न तस्य गतिरस्तीति सत्यं सत्यं न संशयः ॥९॥
kalāvāgamamullaṅghya yo'nyamārge pravartate | na tasya gatirastīti satyaṃ satyaṃ na saṃśayaḥ ||9||
— कलियुग में ; — आगम को ; — उल्लंघन करके ; — जो ; — अन्य मार्ग में ; — प्रवृत्त होता है ; — नहीं ; — उसकी ; — गति ; — है ; — ऐसा ; — सत्य ; — सत्य ; — नहीं ; — संशय

जो कलियुग में आगम का उल्लंघन करके अन्य मार्ग में प्रवृत्त होता है, उसकी कोई गति नहीं है — यह सत्य है, सत्य है, इसमें कोई संशय नहीं।