The Great Liberation Tantra2.8
श्रुतिस्मृतिपुराणादौ मयैवोक्तं पुरा शिवे ।
आगमोक्तविधानेन कलौ देवान् यजेत् सुधीः ॥८॥
śrutismṛtipurāṇādau mayaivoktaṃ purā śive |
āgamoktavidhānena kalau devān yajet sudhīḥ ||8||
— श्रुति, स्मृति, पुराण आदि में ; — मेरे ही द्वारा कहा गया ; — पूर्वकाल में ; — हे शिवे ; — आगमोक्त विधान से ; — कलियुग में ; — देवों को ; — पूजे ; — बुद्धिमान् हे शिवे, श्रुति, स्मृति, पुराण आदि में मैंने ही पहले कहा है: कलियुग में बुद्धिमान् व्यक्ति आगमोक्त विधान से देवों की पूजा करे।