The Great Liberation Tantra· 1.68 / 72

The Great Liberation Tantra1.68

1.68
विद्याबुद्धिप्रदं नॄणामप्रयत्नशुभङ्करम् । येन लोका भविष्यन्ति महाबलपराक्रमाः ॥६८॥
vidyābuddhipradaṃ nṝṇāmaprayatnaśubhaṅkaram | yena lokā bhaviṣyanti mahābalaparākramāḥ ||68||
— विद्या और बुद्धि देने वाला ; — मनुष्यों के लिए ; — अनायास ही कल्याणकारी ; — जिससे ; — लोग ; — होंगे ; — महान् बल और पराक्रम वाले

जो मनुष्यों को विद्या और बुद्धि देने वाला, और अनायास ही कल्याणकारी हो, जिससे लोग महान् बल और पराक्रम वाले हो जाएँ।