The Great Liberation Tantra· 1.67 / 72

The Great Liberation Tantra1.67

1.67
तेषामुपायं दीनेश कृपया कथय प्रभो । आयुरारोग्यवर्चस्यं बलवीर्यविबर्द्धनम् ॥६७॥
teṣāmupāyaṃ dīneśa kṛpayā kathaya prabho | āyurārogyavarcasyaṃ balavīryavibarddhanam ||67||
— उनके लिए ; — उपाय ; — हे दीनेश ; — कृपा से ; — कहो ; — हे प्रभो ; — आयु, आरोग्य और तेज देने वाला ; — बल और वीर्य को बढ़ाने वाला

हे दीनेश, हे प्रभो, कृपा करके उनके लिए कोई उपाय कहिए — जो आयु, आरोग्य और तेज देने वाला, बल और वीर्य को बढ़ाने वाला हो;