The Great Liberation Tantra· 1.39 / 72

The Great Liberation Tantra1.39

1.39
उच्छृङ्खला मदोन्मत्ताः पापकर्मरताः सदा । कामुका लोलुपाः क्रूरा निष्ठुरा दुर्मुखाः शठाः ॥३९॥
ucchṛṅkhalā madonmattāḥ pāpakarmaratāḥ sadā | kāmukā lolupāḥ krūrā niṣṭhurā durmukhāḥ śaṭhāḥ ||39||
— उच्छृंखल ; — मद से उन्मत्त ; — पापकर्म में रत ; — सदा ; — कामुक ; — लोलुप ; — क्रूर ; — निष्ठुर ; — दुर्मुख ; — शठ

वे उच्छृंखल, मद से उन्मत्त, सदा पापकर्म में रत, कामुक, लोलुप, क्रूर, निष्ठुर, दुर्मुख और शठ होंगे;