The Great Liberation Tantra· 1.38 / 72

The Great Liberation Tantra1.38

1.38
बहुलानां पुराणानां विनाशो भविता विभो । तदा लोका भविष्यन्ति धर्मकर्मवहिर्मुखाः ॥३८॥
bahulānāṃ purāṇānāṃ vināśo bhavitā vibho | tadā lokā bhaviṣyanti dharmakarmavahirmukhāḥ ||38||
— बहुत-से ; — पुराणों का ; — विनाश ; — होगा ; — हे विभो ; — तब ; — लोक, जन ; — होंगे ; — धर्म और कर्म से विमुख

हे विभो, बहुत-से पुराणों का विनाश हो जाएगा; और तब लोग धर्म और कर्म से विमुख हो जाएँगे।