The Great Liberation Tantra1.40
स्वल्पायुर्मन्दमतयो रोगशोकसमाकुलाः ।
निःश्रीका निर्बला नीचा नीचाचारपरायणाः ॥४०॥
svalpāyurmandamatayo rogaśokasamākulāḥ |
niḥśrīkā nirbalā nīcā nīcācāraparāyaṇāḥ ||40||
— अल्पायु ; — मन्दबुद्धि ; — रोग और शोक से व्याकुल ; — श्रीहीन ; — निर्बल ; — नीच ; — नीच आचरण में तत्पर अल्पायु, मन्दबुद्धि, रोग और शोक से व्याकुल, श्रीहीन, निर्बल, नीच और नीच आचरण में तत्पर होंगे।