The Great Liberation Tantra· 1.40 / 72

The Great Liberation Tantra1.40

1.40
स्वल्पायुर्मन्दमतयो रोगशोकसमाकुलाः । निःश्रीका निर्बला नीचा नीचाचारपरायणाः ॥४०॥
svalpāyurmandamatayo rogaśokasamākulāḥ | niḥśrīkā nirbalā nīcā nīcācāraparāyaṇāḥ ||40||
— अल्पायु ; — मन्दबुद्धि ; — रोग और शोक से व्याकुल ; — श्रीहीन ; — निर्बल ; — नीच ; — नीच आचरण में तत्पर

अल्पायु, मन्दबुद्धि, रोग और शोक से व्याकुल, श्रीहीन, निर्बल, नीच और नीच आचरण में तत्पर होंगे।