The Great Liberation Tantra· 1.41 / 72

The Great Liberation Tantra1.41

1.41
नीचसंसर्गनिरताः परवित्तापहारकाः । परनिन्दापरद्रोहपरिवादपराः खलाः ॥४१॥
nīcasaṃsarganiratāḥ paravittāpahārakāḥ | paranindāparadrohaparivādaparāḥ khalāḥ ||41||
— नीच संगति में रत ; — पराए धन का अपहरण करने वाले ; — दूसरों की निन्दा, द्रोह और परिवाद में तत्पर ; — खल, दुष्ट

वे नीच संगति में रत, पराए धन का अपहरण करने वाले, दूसरों की निन्दा, द्रोह और परिवाद में तत्पर — सब दुष्ट होंगे।