नीचसंसर्गनिरताः परवित्तापहारकाः ।
परनिन्दापरद्रोहपरिवादपराः खलाः ॥४१॥
nīcasaṃsarganiratāḥ paravittāpahārakāḥ |
paranindāparadrohaparivādaparāḥ khalāḥ ||41||
वे नीच संगति में रत, पराए धन का अपहरण करने वाले, दूसरों की निन्दा, द्रोह और परिवाद में तत्पर — सब दुष्ट होंगे।