The Great Liberation Tantra· 1.23 / 72

The Great Liberation Tantra1.23

1.23
राजानः सत्यसङ्कल्पाः प्रजापालनतत्पराः । मातृवत् परयोषित्सु पुत्रवत् परसूनुषु ॥२३॥
rājānaḥ satyasaṅkalpāḥ prajāpālanatatparāḥ | mātṛvat parayoṣitsu putravat parasūnuṣu ||23||
— राजा ; — सत्य-संकल्प वाले ; — प्रजा-पालन में तत्पर ; — माता के समान ; — पराई स्त्रियों में ; — पुत्र के समान ; — पराए पुत्रों में

राजा सत्य-संकल्प और प्रजा-पालन में तत्पर थे; पराई स्त्रियों को माता के समान और पराए पुत्रों को अपने पुत्र के समान (देखते थे)।