The Great Liberation Tantra1.22
देवायतनगा मर्त्या देवकल्पा दृढव्रताः ।
सत्यधर्मपराः सर्वे साधवः सत्यवादिनः ॥२२॥
devāyatanagā martyā devakalpā dṛḍhavratāḥ |
satyadharmaparāḥ sarve sādhavaḥ satyavādinaḥ ||22||
— देव-मन्दिरों में जाने वाले ; — मर्त्य, मनुष्य ; — देवतुल्य ; — दृढ़व्रत ; — सत्य और धर्म में तत्पर ; — सब ; — साधु, सज्जन ; — सत्यवादी वे मर्त्य देव-मन्दिरों में जाने वाले, देवतुल्य, दृढ़व्रत, सत्य और धर्म में तत्पर थे; सभी सज्जन और सत्यवादी थे।