The Essence of the Tantra· 7.16 / 28

The Essence of the Tantra7.16

7.16

तद् यथा नियतिः रागो ऽशुद्धविद्या कालः कला चेति

Transliteration (IAST)

tad yathā niyatiḥ rāgo 'śuddhavidyā kālaḥ kalā ceti

— नियति (नियामक तत्त्व) ; — राग (आसक्ति) ; — अशुद्धविद्या (सीमित विद्या-तत्त्व) ; — काल (समय-तत्त्व) ; — कला (सीमित कर्तृत्व)

वे इस प्रकार: नियति, राग, अशुद्धविद्या, काल एवं कला।