यस्य तु समसम्प्रवेशात् पूर्णां चिद्बीजपिण्डवर्णविधौ
Transliteration (IAST)
yasya tu samasampraveśāt pūrṇāṃ cidbījapiṇḍavarṇavidhau
किन्तु जिसके लिए सम (सन्तुलित) सम्प्रवेश से (वह उदित होता है, वह) चित्-बीज, पिण्ड एवं वर्ण की विधि में पूर्ण (संवित्) को (प्राप्त करता है)।