ब्राह्मणेन विवाहेन ततो जातस्तथाविधः ।
तेन यः स च कालेन कश्मीरेष्वागतो भ्रमन् ॥११८॥
brāhmaṇena vivāhena tato jātastathāvidhaḥ |
tena yaḥ sa ca kālena kaśmīreṣvāgato bhraman
उस ब्राह्मण-विवाह से तब वैसे ही (सिद्ध) प्रकार का (पुत्र) उत्पन्न हुआ; और जो वह (पुत्र) था, वह कालक्रम से विचरण करता हुआ कश्मीर में आया।