व्यवहाराय सत्यत्वं नच वा व्यवहारगम् ॥९॥
vyavahārāya satyatvaṃ naca vā vyavahāragam
(कोई कह सकता है कि) उनकी सत्यता व्यवहार के लिए (है); किन्तु (वास्तविक) सत्यता व्यवहार-गत नहीं (अपितु चित् में निहित है)।
(कोई कह सकता है कि) उनकी सत्यता व्यवहार के लिए (है); किन्तु (वास्तविक) सत्यता व्यवहार-गत नहीं (अपितु चित् में निहित है)।