The Vision of Śiva· 4.9 / 124

The Vision of Śiva4.9

4.9
व्यवहाराय सत्यत्वं नच वा व्यवहारगम् ॥९॥
vyavahārāya satyatvaṃ naca vā vyavahāragam
— व्यवहार के लिए ; — सत्यता ; — या रहीं नहीं (अपितु) ; — व्यवहार-गत

(कोई कह सकता है कि) उनकी सत्यता व्यवहार के लिए (है); किन्तु (वास्तविक) सत्यता व्यवहार-गत नहीं (अपितु चित् में निहित है)।