The Vision of Śiva· 4.56 / 124

The Vision of Śiva4.56

4.56
नैवं यतो हि भावानां विनाशेऽस्मासु नेष्टता ॥५६॥
naivaṃ yato hi bhāvānāṃ vināśe'smāsu neṣṭatā
— ऐसा नहीं ; — क्योंकि ; — भावों के ; — विनाश के विषय में ; — हमारे (मत में) ; — स्वीकृति नहीं

ऐसा (वास्तविक दुविधा) नहीं — क्योंकि हमारे (मत में) भावों के विनाश की स्वीकृति नहीं (सब शिव रूप में अवस्थित है)।