The Vision of Śiva· 4.55 / 124

The Vision of Śiva4.55

4.55
किं शिवत्वेन तद्व्याप्तमव्याप्तं वाभिधीयताम् ॥५५॥
kiṃ śivatvena tadvyāptamavyāptaṃ vābhidhīyatām
— क्या ; — शिवत्व से ; — वह (जगत्) ; — व्याप्त ; — अव्याप्त ; — अथवा ; — बतलाओ

बतलाओ कि वह (समस्त जगत्) शिवत्व से व्याप्त है या अव्याप्त (— दोनों ही विकल्पों में विरोधी निरुत्तर होता है)?