The Vision of Śiva· 4.33 / 124

The Vision of Śiva4.33

4.33
इतोऽपि सर्वशिवता सत उत्पत्तियोगतः ॥३३॥
ito'pi sarvaśivatā sata utpattiyogataḥ
— इस (विचार) से भी ; — सबकी शिवता ; — सत् से ; — उत्पत्ति के योग के कारण

इस (विचार) से भी सबकी शिवता (सिद्ध होती है) — सत् से उत्पत्ति के योग के कारण।