ईश्वरस्य स्वतन्त्रस्य केनेच्छा वा विकल्प्यते ॥९४॥
īśvarasya svatantrasya kenecchā vā vikalpyate
और स्वतन्त्र ईश्वर की इच्छा किसके द्वारा (बाह्य कारण से) विकल्पित (सहेतुक) की जाए?
और स्वतन्त्र ईश्वर की इच्छा किसके द्वारा (बाह्य कारण से) विकल्पित (सहेतुक) की जाए?