न्यूनत्वादि विनाशित्वं तथोल्लङ्घननिष्कृतिः ॥२३॥
nyūnatvādi vināśitvaṃ tathollaṅghananiṣkṛtiḥ
— न्यूनता आदि, विनाशित्व, तथा उल्लंघन (अतिक्रमण) और (उसका) निष्कृति (प्रायश्चित्त — ये सब शिव पर आ पड़ेंगे)।
— न्यूनता आदि, विनाशित्व, तथा उल्लंघन (अतिक्रमण) और (उसका) निष्कृति (प्रायश्चित्त — ये सब शिव पर आ पड़ेंगे)।