The Vision of Śiva· 1.46 / 49

The Vision of Śiva1.46

1.46
एवं सर्वेषु भावेषु यथा सा शिवरूपता ॥४६॥
evaṃ sarveṣu bhāveṣu yathā sā śivarūpatā
— इस प्रकार ; — समस्त में ; — भावों में ; — जैसे ; — वह ; — शिवरूपता

इस प्रकार समस्त भावों में जैसे वह शिवरूपता है —