The Vision of Śiva· 1.20 / 49

The Vision of Śiva1.20

1.20
अनन्तरं हि तत्कार्यज्ञानदर्शनशक्तिता ॥२०॥
anantaraṃ hi tatkāryajñānadarśanaśaktitā
— तत्काल, अनन्तर ; — निश्चय ही ; — उस कार्य के ज्ञान और दर्शन की शक्ति

और तत्काल ही उस कार्य के ज्ञान और दर्शन की शक्ति (होती है)।