Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)· 9.26 / 35

Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)9.26

9.26
यान्ति देवव्रता देवान्पितृन्यान्ति पितृव्रताः । भूतानि यान्ति भूतेज्या यान्ति मद्याजिनोऽपि माम् ॥ ९-२६ ॥
yānti devavratā devānpitṛnyānti pitṛvratāḥ | bhūtāni yānti bhūtejyā yānti madyājino'pi mām || 9-26 ||
— देवव्रती देवताओं को प्राप्त होते हैं ; — पितृव्रती पितरों को प्राप्त होते हैं ; — भूतों को पूजने वाले भूतों को प्राप्त होते हैं ; — मुझे पूजने वाले मुझे प्राप्त होते हैं

देवव्रती देवताओं को प्राप्त होते हैं, पितृव्रती पितरों को प्राप्त होते हैं, भूतों को पूजने वाले भूतों को प्राप्त होते हैं; किन्तु मुझे पूजने वाले मुझे प्राप्त होते हैं।