Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)· 15.12 / 20

Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)15.12

15.12
यदादित्यगतं तेजो जगद्भासयतेऽखिलम् । यच्चन्द्रमसि यच्चाग्नौ तत्तेजो विद्धि मामकम् ॥ १५-१२ ॥
yadādityagataṃ tejo jagadbhāsayate'khilam | yaccandramasi yaccāgnau tattejo viddhi māmakam || 15-12 ||
— सूर्य में स्थित जो तेज ; — समस्त जगत् को प्रकाशित करता है ; — जो चन्द्रमा में और अग्नि में ; — उस तेज को मेरा जान

सूर्य में स्थित जो तेज समस्त जगत् को प्रकाशित करता है, और जो चन्द्रमा में और अग्नि में है — उस तेज को मेरा ही जान।