यदादित्यगतं तेजो जगद्भासयतेऽखिलम् ।
यच्चन्द्रमसि यच्चाग्नौ तत्तेजो विद्धि मामकम् ॥
१५-१२ ॥
yadādityagataṃ tejo jagadbhāsayate'khilam |
yaccandramasi yaccāgnau tattejo viddhi māmakam ||
15-12 ||
सूर्य में स्थित जो तेज समस्त जगत् को प्रकाशित करता है, और जो चन्द्रमा में और अग्नि में है — उस तेज को मेरा ही जान।