परं भूयः प्रवक्ष्यामि ज्ञानानां ज्ञानमुत्तमम् ।
यज्ज्ञात्वा मुनयः सर्वे परां सिद्धिमितो गताः ॥
१४-१ ॥
paraṃ bhūyaḥ pravakṣyāmi jñānānāṃ jñānamuttamam |
yajjñātvā munayaḥ sarve parāṃ siddhimito gatāḥ ||
14-1 ||
मैं फिर से परम और समस्त ज्ञानों में उत्तम ज्ञान कहूँगा, जिसे जानकर समस्त मुनि यहाँ से परम सिद्धि को प्राप्त हुए।