The Great Liberation Tantra· 3.29 / 153

The Great Liberation Tantra3.29

3.29
ये द्रुह्यन्ति खलाः पापाः परब्रह्मोपदेशिने । स्वद्रोहं ते प्रकुर्वन्ति नातिरिक्ता यतः सतः ॥२९॥
ye druhyanti khalāḥ pāpāḥ parabrahmopadeśine | svadrohaṃ te prakurvanti nātiriktā yataḥ sataḥ ||29||
— जो ; — द्रोह करते हैं ; — खल ; — पापी ; — परम ब्रह्म के उपदेशक से ; — अपना द्रोह ; — वे ; — करते हैं ; — भिन्न नहीं ; — क्योंकि ; — सत् (ब्रह्म) से

जो दुष्ट, पापी खल परम ब्रह्म के उपदेशक से द्रोह करते हैं, वे अपना ही द्रोह करते हैं — क्योंकि (वे और वह) सत् (ब्रह्म) से भिन्न नहीं हैं।