The Great Liberation Tantra· 3.152 / 153

The Great Liberation Tantra3.152

3.152
यत् पापं स्त्रीवधे प्रोक्तं यत्पापं भ्रूणघातने । तस्मात् कोटिगुणं पापं ब्रह्मोपासकनिन्दनात् ॥१५२॥
yat pāpaṃ strīvadhe proktaṃ yatpāpaṃ bhrūṇaghātane | tasmāt koṭiguṇaṃ pāpaṃ brahmopāsakanindanāt ||152||
— जो ; — पाप ; — स्त्री-वध में ; — कहा गया ; — जो पाप ; — भ्रूण-घात में ; — उससे ; — करोड़-गुना ; — पाप ; — ब्रह्म-उपासक की निन्दा से

स्त्री-वध में जो पाप कहा गया, भ्रूण-घात में जो पाप (कहा गया) — उससे करोड़-गुना पाप ब्रह्म-उपासक की निन्दा से (होता है)।