The Great Liberation Tantra· 3.153 / 153

The Great Liberation Tantra3.153

3.153
यथा ब्रह्मोपदेशेन विमुक्तः सर्वपातकैः । गच्छन्ति ब्रह्मसायुज्यं तथैव तव साधनात् ॥१५३॥
yathā brahmopadeśena vimuktaḥ sarvapātakaiḥ | gacchanti brahmasāyujyaṃ tathaiva tava sādhanāt ||153||
— जैसे ; — ब्रह्म के उपदेश से ; — विमुक्त ; — समस्त पातकों से ; — प्राप्त करते हैं ; — ब्रह्म-सायुज्य को ; — वैसे ही ; — तुम्हारे ; — साधन से

जैसे ब्रह्म के उपदेश से समस्त पातकों से विमुक्त होकर (मनुष्य) ब्रह्म-सायुज्य को प्राप्त करते हैं, वैसे ही तुम्हारे साधन से भी (प्राप्त करते हैं)।