The Great Liberation Tantra· 3.122 / 153

The Great Liberation Tantra3.122

3.122
साधनानि बहूक्तानि नानातन्त्रागमादिषु । कलौ दुर्बलजीवानामसाध्यानि महेश्वरि ॥१२२॥
sādhanāni bahūktāni nānātantrāgamādiṣu | kalau durbalajīvānāmasādhyāni maheśvari ||122||
— साधन ; — बहुत कहे गए ; — नाना तन्त्र, आगम आदि में ; — कलियुग में ; — दुर्बल जीवों के लिए ; — असाध्य ; — हे महेश्वरि

हे महेश्वरि, नाना तन्त्र, आगम आदि में बहुत-से साधन कहे गए हैं; पर कलियुग में दुर्बल जीवों के लिए वे असाध्य हैं।