साधनानि बहूक्तानि नानातन्त्रागमादिषु ।
कलौ दुर्बलजीवानामसाध्यानि महेश्वरि ॥१२२॥
sādhanāni bahūktāni nānātantrāgamādiṣu |
kalau durbalajīvānāmasādhyāni maheśvari ||122||
हे महेश्वरि, नाना तन्त्र, आगम आदि में बहुत-से साधन कहे गए हैं; पर कलियुग में दुर्बल जीवों के लिए वे असाध्य हैं।