The Great Liberation Tantra· 1.60 / 72

The Great Liberation Tantra1.60

1.60
परस्त्रीधर्षकाः केचिद्दस्यवो - बहवो भुवि । न करिष्यन्ति ते मत्ताः पापायोनिविचारणम् ॥६०॥
parastrīdharṣakāḥ keciddasyavo - bahavo bhuvi | na kariṣyanti te mattāḥ pāpāyonivicāraṇam ||60||
— पराई स्त्रियों को बलात् भोगने वाले ; — कुछ ; — दस्यु ; — बहुत-से ; — पृथ्वी पर ; — नहीं ; — करेंगे ; — वे ; — मत्त ; — पापमयी एवं नीच योनि का विचार

कुछ पराई स्त्रियों को बलात् भोगने वाले होंगे; पृथ्वी पर बहुत-से दस्यु होंगे; मत्त होकर वे (अपने कर्मों की) पापमयी एवं नीच योनि का विचार नहीं करेंगे।