The Great Liberation Tantra1.61
अतिपानादिदोषेण रोगिणो बहवः क्षितौ ।
शक्तिहीना बुद्धिहीना भूत्वा च विकलेन्द्रियाः ॥६१॥
atipānādidoṣeṇa rogiṇo bahavaḥ kṣitau |
śaktihīnā buddhihīnā bhūtvā ca vikalendriyāḥ ||61||
— अति-पान आदि के दोष से ; — रोगी ; — बहुत-से ; — पृथ्वी पर ; — शक्तिहीन ; — बुद्धिहीन ; — होकर ; — और ; — विकल-इन्द्रिय अति-पान आदि के दोष से पृथ्वी पर बहुत-से लोग रोगी, शक्तिहीन, बुद्धिहीन और विकल-इन्द्रिय होकर,