— कामना (इच्छा) के वेग से (अपादान — समासगत); — विस्मय, आश्चर्य (कर्ता कारक); — अपने शरीर में आह्लाद-शक्ति (कर्ता — समासगत); — कामी (अभिलाषी) का — सम्बन्ध कारक; — योगियों द्वारा (सिद्धान्तरूप में) माना गया — सम्बन्ध बहुवचन + कर्ता; — उत्पन्न होती है — वर्तमान, √जन्; — परमेश्वरी (परम देवी) — कर्ता कारक
कामी पुरुष के काम-वेग से उत्पन्न (जैसा) विस्मय होता है, वैसा ही (विस्मय) योगियों का माना गया है; (तब) अपने शरीर में आह्लाद-शक्ति परमेश्वरी के रूप में उत्पन्न होती है। (धारणा ८१)