The Essence of the Tantra· 3.6 / 34

The Essence of the Tantra3.6

3.6

एवं यथा एतत् प्रतिबिम्बितं भाति तथैव विश्वं परमेश्वरप्रकाशे

Transliteration (IAST)

evaṃ yathā etat pratibimbitaṃ bhāti tathaiva viśvaṃ parameśvaraprakāśe

— इस प्रकार, एवम् ; — जैसे, यथा ; — प्रतिबिम्बित — प्रतिफलित ; — भासता है, प्रकाशित होता है ; — विश्व ; — परमेश्वर के प्रकाश में ; — उसी प्रकार, तथा एव

इस प्रकार जैसे यह प्रतिबिम्बित होकर भासता है, वैसे ही विश्व परमेश्वर के प्रकाश में (प्रतिबिम्बित होकर) भासता है।