The Essence of the Tantra· 13.6 / 101

The Essence of the Tantra13.6

13.6

मालिनी हि भगवती मुख्यम् शाक्तं रूपं बीजयोनिसङ्घट्टेन समस्तकामदुघम्

Transliteration (IAST)

mālinī hi bhagavatī mukhyam śāktaṃ rūpaṃ bījayonisaṅghaṭṭena samastakāmadugham

— मालिनी (वर्ण-माला रूपिणी देवी) ; — भगवती — देवी ; — मुख्य शाक्त रूप ; — बीज-योनि (व्यञ्जन-स्वर) के सङ्घट्ट से ; — समस्त कामों को देने वाली

क्योंकि मालिनी भगवती मुख्य शाक्त रूप है, बीज-योनि के सङ्घट्ट (संयोग) से समस्त कामों को देने वाली है।