The Essence of the Tantra· 11.17 / 25

The Essence of the Tantra11.17

11.17

वैष्णवादीनां तु राजानुग्रहवत् न मोक्षान्तता इति न इह विवेचनम्

Transliteration (IAST)

vaiṣṇavādīnāṃ tu rājānugrahavat na mokṣāntatā iti na iha vivecanam

— वैष्णव आदि का ; — राजा के अनुग्रह की भाँति ; — मोक्षान्तता (मोक्ष में परिणति) ; — विवेचन — विचार

किन्तु वैष्णव आदि का — राजा के अनुग्रह की भाँति — मोक्षान्तता नहीं, अतः यहाँ (उसका) विवेचन नहीं।