The Essence of the Tantra· 11.16 / 25

The Essence of the Tantra11.16

11.16

तत्रापि तारतम्यात् त्रैविध्यम् इत्य् एष मुख्यः शक्तिपातः

Transliteration (IAST)

tatrāpi tāratamyāt traividhyam ity eṣa mukhyaḥ śaktipātaḥ

— वहाँ भी ; — तरतमता के कारण ; — त्रैविध्य — त्रिविधता ; — मुख्य शक्तिपात

वहाँ भी तरतमता से त्रैविध्य है — इस प्रकार यह मुख्य शक्तिपात है।