सदाशिवात्मना वेत्ति घटः स च घटात्मना ।
सर्वे सर्वात्मका भावाः सर्वसर्वस्वरूपतः ॥१०७॥
sadāśivātmanā vetti ghaṭaḥ sa ca ghaṭātmanā |
sarve sarvātmakā bhāvāḥ sarvasarvasvarūpataḥ
घट सदाशिव के आत्मा से जानता है, और वह (सदाशिव) घट के आत्मा से; समस्त भाव सर्व-आत्मक हैं, प्रत्येक के सब-सब का स्वरूप होने से।