तदात्मत्वे नास्ति बन्धस्तदभावान्न मोक्षणम् ॥७२॥
tadātmatve nāsti bandhastadabhāvānna mokṣaṇam
(आक्षेप:) जब (जगत्) तदात्म (शिव-स्वरूप) है, तो बन्ध नहीं; और उस (बन्ध) के अभाव से मोक्षण भी नहीं।
(आक्षेप:) जब (जगत्) तदात्म (शिव-स्वरूप) है, तो बन्ध नहीं; और उस (बन्ध) के अभाव से मोक्षण भी नहीं।