The Vision of Śiva· 3.5 / 99

The Vision of Śiva3.5

3.5
शक्तिमानेव शक्तिः स्याच्छिववत्करणार्थतः ॥५॥
śaktimāneva śaktiḥ syācchivavatkaraṇārthataḥ
— शक्तिमान् ही ; — शक्ति ; — होगा ; — शिव के समान ; — करण (क्रिया) के प्रयोजन के कारण

शक्तिमान् ही शक्ति होगा — जैसे (वह) शिव (है, वैसे ही), करण (क्रिया) के प्रयोजन के कारण।