शक्तिमानेव शक्तिः स्याच्छिववत्करणार्थतः ॥५॥
śaktimāneva śaktiḥ syācchivavatkaraṇārthataḥ
शक्तिमान् ही शक्ति होगा — जैसे (वह) शिव (है, वैसे ही), करण (क्रिया) के प्रयोजन के कारण।
शक्तिमान् ही शक्ति होगा — जैसे (वह) शिव (है, वैसे ही), करण (क्रिया) के प्रयोजन के कारण।