Śiva Sūtras · 3.36

Śiva Sūtras 3.36

3.36
भेदतिरस्कारे सर्गान्तरकर्मत्वम् ॥३६॥
bheda-tiraskāre sargāntara-karmatvam
sūtra
— भेद-तिरस्कार — भेद के तिरस्कार/अस्वीकार पर (पुं. एकवचन, अधिकरण कारक, तत्पुरुष समास) ; — सर्ग-अन्तर-कर्मत्व — अन्य सृष्टि के कर्तृत्व का सामर्थ्य (नपुं. एकवचन, तत्पुरुष समास)

भेद के तिरस्कार (अस्वीकार) पर अन्य सर्ग (नई सृष्टि) के कर्तृत्व का (सामर्थ्य उत्पन्न) होता है।