भेदतिरस्कारे सर्गान्तरकर्मत्वम् ॥३६॥
bheda-tiraskāre sargāntara-karmatvam
sūtra
भेद के तिरस्कार (अस्वीकार) पर अन्य सर्ग (नई सृष्टि) के कर्तृत्व का (सामर्थ्य उत्पन्न) होता है।
भेद के तिरस्कार (अस्वीकार) पर अन्य सर्ग (नई सृष्टि) के कर्तृत्व का (सामर्थ्य उत्पन्न) होता है।