1.5 उद्यमो भैरवः ॥५॥ udyamo bhairavaḥ sūtra udyamaḥ — उद्यम — (बोध का) सहसा उन्मेष/उत्थान (पुं. एकवचन) ; bhairavaḥ — भैरव — परम शिव, भैरव (पुं. एकवचन) उद्यम (शुद्ध चेतना का सहसा उन्मेष) ही भैरव (परम शिव) है।