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Śiva Sūtras· 1.5 / 22

Śiva Sūtras1.5

1.5
उद्यमो भैरवः ॥५॥
udyamo bhairavaḥ
sūtra
— उद्यम — (बोध का) सहसा उन्मेष/उत्थान (पुं. एकवचन) ; — भैरव — परम शिव, भैरव (पुं. एकवचन)

उद्यम (शुद्ध चेतना का सहसा उन्मेष) ही भैरव (परम शिव) है।