सर्वतत्त्वसुसम्पूर्णाम् सर्वावयवशोभिताम् ।
यजेद् देवीं महाभागा सप्तविंशतिमन्त्रिताम् ॥३१॥
sarvatattvasusampūrṇām sarvāvayavaśobhitām |
yajed devīṃ mahābhāgā saptaviṃśatimantritām
महाभागा (साधक) देवी का यजन करे — जो समस्त तत्त्वों से परिपूर्ण, अपने सभी अवयवों से सुशोभित, सत्ताईस बार अभिमन्त्रित है।