Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)· 7.10 / 30

Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)7.10

7.10
बीजं मां सर्वभूतानां विद्धि पार्थ सनातनम् । बुद्धिर्बुद्धिमतामस्मि तेजस्तेजस्विनामहम् ॥ ७-१० ॥
bījaṃ māṃ sarvabhūtānāṃ viddhi pārtha sanātanam | buddhirbuddhimatāmasmi tejastejasvināmaham || 7-10 ||
— समस्त भूतों का बीज मुझे ; — जान, हे पार्थ, सनातन ; — बुद्धिमानों की बुद्धि मैं हूँ ; — तेजस्वियों का तेज

हे पार्थ, मुझे समस्त भूतों का सनातन बीज जान; मैं बुद्धिमानों की बुद्धि हूँ और तेजस्वियों का तेज हूँ।