The Great Liberation Tantra· 3.54 / 153

The Great Liberation Tantra3.54

3.54
उपस्थितानि द्रव्याणि गन्धपुष्पादिकानि च । वस्त्रालङ्करणादीनि भक्ष्यपेयानि यानि च ॥५४॥
upasthitāni dravyāṇi gandhapuṣpādikāni ca | vastrālaṅkaraṇādīni bhakṣyapeyāni yāni ca ||54||
— उपस्थित ; — सामग्री ; — गन्ध, पुष्प आदि ; — और ; — वस्त्र, अलंकार आदि ; — भक्ष्य-पेय ; — जो ; — और

उपस्थित सामग्री — गन्ध, पुष्प आदि, वस्त्र, अलंकार आदि, और जो भी भक्ष्य-पेय हों —