कलिजा मानवा लुब्धाः शिश्नोदरपरायणाः ।
लोभात्तत्र पतिष्यन्ति न करिष्यन्ति साधनम् ॥५८॥
kalijā mānavā lubdhāḥ śiśnodaraparāyaṇāḥ |
lobhāttatra patiṣyanti na kariṣyanti sādhanam ||58||
कलियुग में उत्पन्न मनुष्य लोभी, शिश्न और उदर में तत्पर होंगे; लोभ के कारण वे उसमें (पंचतत्त्व में) पतित होंगे, और (यथार्थ) साधन नहीं करेंगे।