— सर्वतः, सब ओर से (अव्यय); — अपने शरीर के (षष्ठी — समासगत); — द्वादशान्त में (अधिकरण — समासगत); — मन के लय से (अपादान — समासगत); — दृढ़-बुद्धि वाले के लिए (षष्ठी — समासगत); — दृढ़-भूत, स्थिर हुआ (विशेषण); — तत्त्व-लक्ष्य, परम लक्ष्य (कर्ता कारक — समासगत); — प्रवर्तित होता है (कर्मवाच्य वर्तमान)
अपने शरीर के सर्वतः (सब ओर) द्वादशान्त में मन का लय करने से दृढ़-बुद्धि (साधक) के लिए तत्त्व-लक्ष्य (परम लक्ष्य) दृढ़ रूप से प्रवर्तित होता है। (धारणा २७)