The Essence of the Tantra· 6.24 / 82

The Essence of the Tantra6.24

6.24

अत्र च दक्षाद्याः पितामहान्ता रुद्राः शक्तयश् च द्वादशाधिपतय इति वर्षोदयः

Transliteration (IAST)

atra ca dakṣādyāḥ pitāmahāntā rudrāḥ śaktayaś ca dvādaśādhipataya iti varṣodayaḥ

— दक्ष से लेकर ; — पितामह (ब्रह्मा)-पर्यन्त ; — रुद्र ; — शक्तियाँ (देवियाँ) ; — बारह अधिपति ; — वर्ष का उदय

और यहाँ दक्ष से लेकर पितामह (ब्रह्मा)-पर्यन्त रुद्र तथा (उनकी) शक्तियाँ बारह अधिपति हैं — यह वर्ष का उदय है।