तस्मात् शाम्भवदृड्ःअशक्तिपाताविद्धा एव सदागमादिक्रमेण विकल्पं संस्कृत्य परं स्वरूपं प्रविशन्ति
Transliteration (IAST)
tasmāt śāmbhavadṛḍḥaśaktipātāviddhā eva sadāgamādikrameṇa vikalpaṃ saṃskṛtya paraṃ svarūpaṃ praviśanti
अतः शाम्भव दृढ़ शक्तिपात से विद्ध हुए (साधक) ही सदागम आदि के क्रम से विकल्प को संस्कृत कर परम स्वरूप में प्रवेश करते हैं।