देहस्था देवताः पश्यन् ह्लादोद्वेगादि चिद्धने । कर्णाक्षिमुखनासादिचक्रस्थं देवतागणम्
Transliteration (IAST)
dehasthā devatāḥ paśyan hlādodvegādi ciddhane | karṇākṣimukhanāsādicakrasthaṃ devatāgaṇam
देह में स्थित देवताओं को देखता हुआ, चिद्-घन में ह्लाद, उद्वेग आदि को (देखता हुआ), कर्ण, अक्षि, मुख, नासा आदि चक्रों में स्थित देवता-गण को —