The Essence of the Tantra· 16.5 / 24

The Essence of the Tantra16.5

16.5

समुदितत्वे तु का कथा स्यात् इति परमेश्वरेण उक्तम्

Transliteration (IAST)

samuditatve tu kā kathā syāt iti parameśvareṇa uktam

— (इन सबके) समुदित (एकत्र संयुक्त) होने पर ; — क्या कहना (कितना अधिक) ; — होगा ; — परमेश्वर ने ; — कहा

किन्तु (इन सबके) समुदित (एकत्र संयुक्त) होने पर क्या कहना — ऐसा परमेश्वर ने कहा।